हिमाचल प्रदेश

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लोगों से आपदा प्रभावितों की मदद करने का आह्वान किया राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन शिमला से कुल्लू जिले के लिए राहत सामग्री के दो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राहत सामग्री में स्वच्छता किट, तिरपॉल, किचन सेट और कंबल भेजे गए। राज्यपाल ने लोगों से बरसात के दौरान हर समय सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने सुरक्षा के दृष्टिगत पर्यटकों से भी नदी-नालों के किनारे न जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य रेडक्रॉस द्वारा आपदा प्रभावितों क्षेत्र के लोगों को निरतंर राहत सामग्री प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के आग्रह पर तुरंत राहत सामग्री प्रदान की जाएगी। उन्होंने राज्य के लोगों से इस कठिन समय में आपदा प्रभावितों की हर संभव मदद करने का आह्वान किया। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी इस दौरान उपस्थित थेे।

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), नाहन में स्कूल सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन विषय पर 04 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम क्या हुआ शुभारंभ नाहन 4 अगस्त; जैसा कि जिला सिरमौर विभिन्न प्रकार की आपदाओं के प्रति अतिसंवेदनशील क्षेत्र है, तथा यहां के स्कूल भी अतिसंवेदनशील श्रेणी में आते हैं, क्योंकि इसी उद्देश्य को मध्य नजर रखते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), नाहन के सभागार में आपदा प्रबंधन विषय पर 4 दिवसीय कार्यक्रम का आगाज हुआ। कार्यवाहक जिला परियोजना अधिकारी (समग्र शिक्षा) हिमांशु भारद्वाज ने इस चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यशाला के जिला समन्वयक ओंकार शर्मा ने बताया कि यह कार्यशाला 4 अगस्त 2024 से 7 अगस्त 2024 तक आयोजित होगी, जिसमें जिला सिरमौर के लगभग जिला के शीतकालीन सत्र स्कूलों के लगभग 35 कनिष्ठ बुनियादी शिक्षक (JBTs) अध्यापक भाग ले रहे हैं। इस कार्यशाला के समन्वयक ओंकार शर्मा (प्रवक्ता) डाइट, नाहन ने बताया कि इस चार दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला में विभिन्न प्रकार की आपदाओं के प्रकार, प्रभाव, कारण, भूकंप, टैक्टोनिक प्लेट्स, आपदा जोखिम व न्यूनीकरण तथा हिमाचल की आपदा प्रोफाइल के बारे में विस्तृत रूप से व्याख्यान दिया जाएगा। आपदा से संबंधित मनोविज्ञान विज्ञान, आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, आपदा चक्र, प्रशासनिक भूमिका, प्रतिभागी की भूमिका तथा स्कूल आपदा प्रबंधन योजना व सुरक्षित स्कूल शिक्षा, जिले में पिछले वर्ष हुए आपदाओं के नुकसान, प्रभाव, कारण एवं विश्लेषण, आपदा प्रबंधन अधिनियम -2005 आदि के बारे में इन अध्यापकों के साथ व्यापक रूप से चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के अन्य सत्रों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, नाहन से आपदाओं के दौरान प्राथमिक चिकित्सा उपचार, सीपीआर तकनीक, उपचार, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टायफस आदि महामारियों के बारे में भी विस्तृत रूप से चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त होमगार्ड कार्यालय से खोज एवं बचाव, फायर के बारे में प्रैक्टिकल रूप में हैंड्स ऑन प्रैक्टिस भी करवायी जाएगी। अंत में कार्यवाहक जिला परियोजना अधिकारी (समग्र शिक्षा), नाहन- हिमांशु भारद्वाज ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूलों की समुचित सुरक्षा एवं बच्चों की विभिन्न प्रकार की आपदाओं से सुरक्षा को सुनिश्चित करना होगा। इस अवसर पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, उपायुक्त कार्यालय नाहन से आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ- राजन कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे।