देश के महापुरुषों और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान ही सच्चा देश सम्मान : विनय पत्राले
पांवटा साहिब।
भारत भारती राष्ट्रीय एकात्मक संस्था द्वारा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की शताब्दी के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय राष्ट्रीय एकात्मकता संगोष्ठी का आयोजन ग्रैंड रिविरा होटल, पांवटा साहिब में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संजीव गुप्ता, भारत भारती हिमाचल इकाई ने की।
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि विनय पत्राले, राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत भारती ने कहा कि जब-जब हम धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र या संप्रदाय के आधार पर स्वयं को अलग मानने लगते हैं, तब हमें देश के महापुरुषों और राष्ट्रीय प्रतीकों का स्मरण करना चाहिए। यही चिंतन हमें संकीर्णता से ऊपर उठाकर राष्ट्र की व्यापकता से जोड़ता है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश भारत भारती इकाई द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए संगठनात्मक विस्तार पर बल दिया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से लौह पुरुष सरदार पटेल के राष्ट्र की एकता में दिए गए योगदान और उनके जीवन की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इसके इतिहास, उत्पत्ति और महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रत्येक परिवार से इसे कंठस्थ करने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
इसके अतिरिक्त हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। संगठन की आगामी योजनाओं और विस्तार पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ।
इस अवसर पर रोशन लाल अग्रवाल (क्षेत्रीय अध्यक्ष), राजकुमार उपाध्याय (अध्यक्ष उत्तराखंड), नत्थीमल वर्मा (अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश) सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। नत्थीमल वर्मा ने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में विद्यालय स्तर और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यक्रम पांवटा साहिब क्षेत्र में आयोजित किए जाएंगे।
संगोष्ठी में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों, मातृशक्ति एवं समाज के प्रबुद्धजनों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. संजीव गुप्ता ने प्रस्तुत किया। संगोष्ठी सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।



