डोबरी सालवाला पंचायत में प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण, हल्दी की खेती रही मुख्य आकर्षण

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डोबरी सालवाला पंचायत में प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण, हल्दी की खेती रही मुख्य आकर्षण

 

ग्राम पंचायत डोबरी सालवाला में प्राकृतिक खेती को लेकर एक विशेष प्रशिक्षण व चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंचायत की सचिव, हेमराज, अच्छर सिंह, विजय चौधरी, रमेश चंद, याद राम, ज्ञान शर्मा, शिमला, विशाल सहित अन्य लोगों ने भाग लिया और अपने-अपने अनुभव साझा किए।

 

कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती क्या है, प्राकृतिक खेती क्यों करें और इसके लाभ क्या हैं, इन विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी प्रतिभागियों ने बताया कि प्राकृतिक खेती से न केवल मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, बल्कि रासायनिक खेती की तुलना में फसल अधिक स्वास्थ्यवर्धक और टिकाऊ होती है।

 

“प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना” के तहत हल्दी की खेती चर्चा का मुख्य आकर्षण रही। जानकारी दी गई कि राज्य सरकार द्वारा कच्ची हल्दी का समर्थन मूल्य 90 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। एक बीघा में हल्दी की खेती से किसान औसतन 50 हजार से 90 हजार रुपये तक मुनाफा कमा सकते हैं।

 

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि हल्दी की फसल की ऊपज और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ‘जीवामृत’ का प्रयोग महीने में कम से कम दो बार किया जाना चाहिए।